फैले हुए ovarian cancer का ऑपरेशन: stage 3 और 4

Indian Ovary Cancer Institute (IOCI), अहमदाबाद. ऑपरेशन में क्या निकाला जाता है, तैयारी कैसे होती है, कितने दिन भर्ती रहना पड़ता है और उसके बाद क्या होता है, यह सब Dr Swati Shah आसान भाषा में बताती हैं.

फैले हुए ovarian cancer के ऑपरेशन में पेट और पेड़ू में दिखने वाला हर cancer निकाला जाता है. बच्चेदानी, अंडाशय, चर्बी की परत और कभी आंत भी. इसके बाद chemotherapy हमेशा होती है.

CT scan, CA-125 और biopsy की report WhatsApp पर भेजिए. आपके आने से पहले Dr Swati Shah उन्हें पढ़ लेंगी. · +91-89800-20898

Dr Swati Shah, ovary cancer surgeon, अहमदाबाद

Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Ovary Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad

Indian Ovary Cancer Institute (IOCI), Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. बड़े cancer centres में training. Cancer surgery की पूरी डिग्री. महिलाओं की cancer surgery में 18 साल का अनुभव. IOCI clinic पर 24 Google reviews में 4.96, और Apollo Hospital, Bhat पर 66 reviews में 4.95 rating.

Last updated: 19 October 2026

फैला हुआ cancer किसे कहते हैं

फैला हुआ यानी stage 3 या stage 4. Stage 3 में cancer पेट की अंदरूनी परत पर फैल जाता है. Stage 4 में यह छाती या liver जैसे अंग तक पहुँच जाता है.

अंडाशय (ovary) का cancer ज़्यादा समय तक वहीं नहीं रुकता. इसकी कोशिकाएँ पेट में झड़ती हैं. फिर ये चर्बी की परत (omentum) पर, पेट की अंदरूनी परत पर, आंतों पर और diaphragm के नीचे चिपक जाती हैं. अक्सर पेट में पानी भर जाता है, जिसे ascites कहते हैं. पेट फूलता है, थोड़ा खाते ही पेट भर जाता है, और कपड़े तंग लगने लगते हैं.

यही बीमारी अंडवाहिनी (fallopian tube) में या पेट की परत में भी शुरू हो सकती है. तीनों का इलाज एक ही तरह से होता है. Scan पर दिखा stage सिर्फ़ अंदाज़ा है. असली stage ऑपरेशन में तय होता है, जब surgeon हर सतह को देखती और जाँचती हैं.

हमारे यहाँ ज़्यादातर महिलाओं में बीमारी इसी stage पर पकड़ में आती है. इसका मतलब हिम्मत हारना नहीं है. यह cancer आम तौर पर chemotherapy पर अच्छा असर दिखाता है. अच्छा ऑपरेशन और अच्छी chemotherapy मिलकर कई महिलाओं को सालों की अच्छी ज़िंदगी देते हैं. पहली मुलाक़ात से ही दोनों का plan सही बनाना सबसे ज़रूरी है.

ऑपरेशन का एक ही लक्ष्य

आँख से दिखने वाला एक भी cancer पीछे न छूटे, यही लक्ष्य है. डॉक्टर इसे R0 या CC-0 लिखते हैं. ऑपरेशन कितना बड़ा है, उससे ज़्यादा यह मायने रखता है.

पहले छोटी गाँठें छूट जाएँ तो भी ठीक माना जाता था. अब ऐसा नहीं है. एक भी दिखने वाली गाँठ न बचे, तब नतीजे साफ़ तौर पर बेहतर आते हैं. इसलिए हम “आधा” ऑपरेशन नहीं करते. शुरुआत में सब निकल पाना मुमकिन न हो, तो पहले chemotherapy और फिर ऑपरेशन. यह फ़ैसला हमारे पहले ऑपरेशन या पहले chemotherapy वाले पेज पर विस्तार से है.

इसलिए यह ऑपरेशन cyst निकालने जैसा नहीं है. पूरे पेट की ध्यान से, क्रम से जाँच होती है. जो गाँठ मिलती है, वह निकाली जाती है. ऑपरेशन में कई घंटे लग सकते हैं. अनुभवी team, अच्छा ICU और तैयार blood bank चाहिए. Apollo Hospital, Bhat में ये तीनों हैं.

ऑपरेशन में क्या निकाला जाता है

जितना ज़रूरी हो उतना ही निकाला जाता है, उससे ज़्यादा नहीं. नीचे की तालिका में हर हिस्सा, वहाँ क्या होता है और क्यों, लिखा है. आपका plan गाँठ की जगह पर निर्भर है.

हिस्साक्या किया जाता हैक्यों
बच्चेदानी, दोनों tube और अंडाशयTotal hysterectomy, दोनों tube और ovary के साथCancer यहीं से शुरू होता है
चर्बी की परत (omentum)Omentectomyगाँठें सबसे ज़्यादा यहीं मिलती हैं
पेट और पेड़ू की अंदरूनी परतPeritonectomy, बीमार परत उतारी जाती हैगाँठें इसी परत पर चिपकी होती हैं
आंतजिस हिस्से पर गाँठ हो वह निकाला जाता हैहर दिखने वाली गाँठ हटाने के लिए
Diaphragm के नीचेपरत उतारी जाती है, कभी छोटा टुकड़ा निकाला जाता हैयहाँ की गाँठ अक्सर छूट जाती है
Spleen, पित्ताशय, pancreas की पूँछगाँठ होने पर ही निकाले जाते हैंएक भी दिखने वाली गाँठ न बचे
Lymph nodesसिर्फ़ बढ़ी हुई nodes निकाली जाती हैंसामान्य nodes निकालने से फ़ायदा नहीं, जोखिम बढ़ता है

हर महिला को यह सब नहीं करना पड़ता. कई महिलाओं के लिए पहली तीन चीज़ें काफ़ी होती हैं. किसी को आंत या ऊपरी पेट का ऑपरेशन भी चाहिए. CT scan पहला नक्शा देता है. Scan साफ़ न हो, तो दूरबीन से देखकर (diagnostic laparoscopy) पक्का किया जाता है.

Lymph nodes पर सबूत साफ़ हैं. फैले हुए cancer में nodes सामान्य दिखें और दिखने वाला सारा cancer निकल चुका हो, तो सारी nodes निकालने से उम्र नहीं बढ़ती. सिर्फ़ जोखिम बढ़ता है. इसलिए हम सिर्फ़ बढ़ी हुई nodes निकालते हैं.

क्या पेट पर थैली (stoma) लगेगी?

ज़्यादातर महिलाओं को stoma नहीं लगता. पेड़ू में नीचे से आंत निकालनी पड़े, तब कभी-कभी लगता है. अक्सर यह कुछ समय के लिए होता है और बाद में बंद हो जाता है.

आंत का हिस्सा निकालने पर दोनों सिरे आम तौर पर फिर से जोड़ दिए जाते हैं. जोड़ पेड़ू में बहुत नीचे हो, तो कभी उसे बचाने के लिए कुछ समय का stoma बनाया जाता है. Stoma यानी पेट पर आंत का मुँह, जिससे मल एक छोटी थैली में जाता है. Chemotherapy पूरी होने और जोड़ भरने के बाद, कुछ महीनों में ज़्यादातर stoma बंद कर दिए जाते हैं.

यह फ़ैसला ऑपरेशन वाले दिन नहीं होता. Scan में आंत पर गाँठ दिखे, तो ऑपरेशन से पहले ही बात होती है. Stoma nurse आपको बैठाकर और खड़ा करके पेट पर सही जगह का निशान लगाती हैं. Consent पहले से लिया जाता है. होश में आने पर कोई अचानक बात नहीं होती.

HIPEC कब जोड़ा जाता है

HIPEC यानी ऑपरेशन के दौरान पेट में घुमाई जाने वाली गर्म chemotherapy. Stage 3 में chemotherapy के बाद होने वाले ऑपरेशन में इसका फ़ायदा साबित है. Cancer छूट जाए तो HIPEC नहीं दिया जाता.

HIPEC का पूरा नाम hyperthermic intraperitoneal chemotherapy है. दिखने वाला सारा cancer निकलने के बाद, गर्म cisplatin लगभग 90 मिनट पेट में घुमाया जाता है. OVHIPEC-1 नाम के trial में एक ख़ास स्थिति में उम्र का फ़ायदा दिखा. वह स्थिति है stage 3, तीन chemotherapy के बाद ऑपरेशन, और एक भी दिखने वाली गाँठ बाक़ी नहीं.

Chemotherapy से पहले होने वाले पहले ऑपरेशन में HIPEC अभी अध्ययन में है. हम यह साफ़ बताते हैं. Cancer पूरा न निकले, तो HIPEC जोड़ा ही नहीं जाता. Apollo Hospital, Bhat में heated perfusion machine अंदर ही है, इसलिए फ़ैसला आपकी बीमारी पर होता है, सुविधा पर नहीं. ज़्यादा जानकारी के लिए ovarian cancer में HIPEC पढ़िए.

ऑपरेशन से पहले की तैयारी

ऑपरेशन से पहले के हफ़्ते बहुत काम के हैं. चलना, साँस की कसरत, protein और अच्छा hemoglobin परेशानी का जोखिम घटाते हैं और जल्दी घर जाने में मदद करते हैं.

  1. Tumour board. Surgeon, oncologist, radiologist और pathologist साथ बैठकर आपके scan और reports देखते हैं.
  2. Biopsy और gene test. सुई से ली गई biopsy cancer पक्का करती है. BRCA और HRD test शुरुआत में ही भेजा जाता है, क्योंकि chemotherapy के बाद की गोली इसी से तय होती है.
  3. ज़रूरत हो तो आंत की जाँच. खून के markers ovary की तरफ़ इशारा न करें, तो पहले colonoscopy और endoscopy होती है.
  4. शरीर मज़बूत कीजिए. रोज़ चलिए. साँस वाला उपकरण इस्तेमाल कीजिए. Protein drink लीजिए. Hemoglobin कम हो तो iron दिया जाता है.
  5. Stoma की जगह और consent. आंत निकालनी पड़ सकती हो, तो stoma nurse जगह तय करती हैं और consent पहले लिया जाता है.

वज़न बहुत घट गया हो या albumin कम हो, तो कभी पहले chemotherapy देकर शरीर तैयार किया जाता है. मज़बूत शरीर लंबा ऑपरेशन कहीं बेहतर झेलता है. ऑपरेशन से पहले chemotherapy देने की यह एक बड़ी वजह है.

भर्ती रहने के दिन

ज़्यादातर महिलाएँ लगभग एक हफ़्ते में घर चली जाती हैं. ऑपरेशन के दिन से ही तय क्रम में recovery होती है: बैठना, घूँट-घूँट पानी, और जल्दी चलना.

दिनक्या होता है
ऑपरेशन का दिनकुछ महिलाएँ एक रात ICU में रहती हैं. कुछ घंटों बाद बिस्तर से बाहर बैठिए और पानी के घूँट लीजिए.
पहला दिनतरल खाना. सहारे से तीन बार चलना. पेशाब की नली आम तौर पर निकल जाती है.
दूसरा और तीसरा दिननरम खाना. बोतलें बंद. दर्द गोलियों से काबू में.
चौथे से सातवें दिनDrains निकलते हैं. ज़रूरत हो तो stoma की training. खाना, चलना और शौच ठीक होने पर छुट्टी.

घर जाने से पहले परिवार को रोज़ का खून पतला करने वाला injection लगाना सिखाया जाता है. यह चार हफ़्ते लेना होता है. महिलाओं के दूसरे cancer ऑपरेशनों की तुलना में ovarian cancer के बाद पैर और फेफड़े में clot का जोखिम ज़्यादा है, और यह injection उसे घटाता है. Chemotherapy की पहली मुलाक़ात भी छुट्टी से पहले तय हो जाती है.

Consent से पहले जोखिम की बात

यह बड़ा ऑपरेशन है और इसके असली जोखिम हैं. Consent से पहले आपसे और परिवार से हर जोखिम की बात हिंदी में होती है.

  • खून बहना. खून चढ़ाना पड़ सकता है.
  • Infection, घाव पर या पेट के अंदर.
  • Clot, पैर या फेफड़े में. चार हफ़्ते के injections यह जोखिम घटाते हैं.
  • आंत के जोड़ से leak. कुछ दिन बाद बुखार और तेज़ धड़कन दिखती है, और तुरंत इलाज होता है.
  • फेफड़े के पास पानी, diaphragm के ऑपरेशन के बाद. कभी छोटी नली डालनी पड़ती है.
  • आंत धीमी चलना कुछ दिन, पेट फूलना या उल्टी.
  • Bladder या ureter में चोट, जो उसी ऑपरेशन में ठीक कर दी जाती है.
  • जान का छोटा जोखिम, बहुत बड़े ऑपरेशन और HIPEC में ज़्यादा.

एक surgeon के नाते कहूँ — कुछ बातें जोखिम नहीं, तय हैं. दोनों ovary निकलें तो menopause तुरंत आ जाता है. उसके बाद गर्भ नहीं ठहर सकता. हर मामले में ऑपरेशन के बाद chemotherapy होती है. और follow-up पूरी ज़िंदगी चलता है. गर्मी के झटकों और हड्डियों की सेहत का इलाज हो सकता है, इसकी बात भी हम करते हैं.

ऑपरेशन के बाद chemotherapy और गोली

ऑपरेशन के तीन से चार हफ़्ते बाद chemotherapy शुरू होती है. फिर कई महिलाएँ gene test से तय रोज़ की गोली लेती हैं, जो cancer को ज़्यादा समय तक शांत रखती है.

आम chemotherapy carboplatin और paclitaxel है, हर तीन हफ़्ते. कुल छह cycle चाहिए. ऑपरेशन से पहले chemotherapy ली हो, तो बाक़ी ऑपरेशन के बाद पूरी होती है. कुछ महिलाओं को bevacizumab भी दिया जाता है, जो cancer की खून की सप्लाई घटाता है.

Chemotherapy के बाद maintenance आती है. इसका चुनाव BRCA और HRD की report पर होता है. BRCA में बदलाव हो, तो आम तौर पर दो साल olaparib. दूसरों को niraparib, या olaparib के साथ bevacizumab. इसीलिए gene test पहली मुलाक़ात पर ही भेजा जाता है. आख़िर तक इंतज़ार करना, सबसे आम टल सकने वाली देरी है.

आपमें BRCA बदलाव हो, तो बहन, बेटी और दूसरे करीबी रिश्तेदारों की भी जाँच हो सकती है. वह counselling हम करवाते हैं. रिश्तेदार की report positive आए, तो वे जल्दी कदम उठा सकती हैं.

पहले ऑपरेशन कब नहीं होता

सारा cancer अभी निकल न सके, या लंबे ऑपरेशन के लिए शरीर बहुत कमज़ोर हो, तब पहले ऑपरेशन नहीं होता. दोनों हालात में पहले chemotherapy दी जाती है.

कुछ जगहों पर गाँठ हो, तो शुरुआत में सब निकालना मुश्किल होता है. जैसे छोटी आंत की mesentery की जड़ में गहराई तक, या liver के प्रवेश द्वार के पास. तब तीन या चार chemotherapy cancer को छोटा करती हैं. फिर ऑपरेशन होता है, जिसे interval debulking कहते हैं. बड़े trials बताते हैं कि ऐसी महिलाओं में उम्र बराबर रहती है और परेशानियाँ कम होती हैं.

सिर्फ़ उम्र देखकर ऑपरेशन से मना नहीं किया जाता. शरीर की ताक़त देखी जाती है. दिल, फेफड़े, पोषण और रोज़ की चलने-फिरने की क्षमता जाँची जाती है. सक्रिय बुज़ुर्ग महिला अक्सर ऑपरेशन के लायक होती है. बहुत कमज़ोर कम उम्र की महिला को पहले chemotherapy देकर मज़बूत करना पड़ता है.

हमारे साथ आपका इलाज, कदम दर कदम

  1. कदम 1: मुलाक़ात तय कीजिए. Reports पहले भेजिए. Gota OPD पर आपके आने से पहले पढ़ ली जाती हैं.
  2. कदम 2: जाँच और plan. CT, markers, biopsy और gene test. Tumour board आपका plan तय करता है.
  3. कदम 3: ऑपरेशन. Apollo Hospital, Bhat में, पूरी team और ICU के साथ.
  4. कदम 4: कुछ दिन भर्ती. ज़्यादातर महिलाओं के लिए लगभग एक हफ़्ता, तय क्रम में recovery.
  5. कदम 5: Follow-up और पूरी recovery. Chemotherapy, maintenance गोली, फिर दो साल तक हर तीन महीने मुलाक़ात.

ओवेरियन कैंसर में cytoreductive surgery क्या है. IOCI की छोटी film.

मरीज़ क्या कहते हैं

★★★★★

“My relative was diagnosed with Stage 3 ovarian cancer involving the omentum and peritoneal deposits. We consulted Indian Ovarian Cancer Institute (IOCI), where the complete treatment plan was explained in detail. The team successfully performed Cytoreductive Surgery (CRS) with the goal of complete tumour removal. We were impressed by the surgical expertise, teamwork, and post-operative care. We would confidently recommend IOCI to anyone seeking treatment for advanced ovarian cancer. Special thanks to Dr. Swati Shah who was very patient and answered all our questions patiently. — Adv. Sanjay D, Google review, IOCI clinic listing”

★★★★★

“My relative had advanced ovarian cancer involving the omentum and peritoneal deposits. We consulted Indian Ovarian Cancer Institute (IOCI) because of its expertise in complex ovarian cancer surgery. The doctors explained the importance of achieving complete tumour removal, and Cytoreductive Surgery (CRS) was performed successfully. We are thankful for the excellent treatment and compassionate care provided throughout the journey. — Sharukh Bhadula, Google review, IOCI clinic listing”

★★★★★

“I am very thankful to Dr. Swati Shah for treating and operating on my mother for ovarian cancer. From the first consultation to the surgery and follow-up, she was very supportive, caring, and explained everything clearly. We felt confident and comfortable under her care. The surgery went well, and my mother is recovering nicely. We are truly grateful for her expertise and dedication. Highly recommended for ovarian cancer treatment and surgery in Ahmedabad. — Sonal Soni, Google review, Apollo Hospital, Bhat listing”

Google reviews जैसे लिखे गए वैसे ही, अंग्रेज़ी में.

खर्च, insurance और भर्ती

खर्च ऑपरेशन कितना बड़ा है, HIPEC, ICU के दिन और भर्ती के दिनों पर निर्भर है. Apollo Hospital, Bhat का insurance desk policy के हिसाब से cashless मंज़ूरी करवाता है.

Plan तय होने के बाद लिखित अंदाज़ा दिया जाता है. आंत या ऊपरी पेट का ऑपरेशन, HIPEC और ICU के दिन खर्च को सबसे ज़्यादा बदलते हैं. पहली मुलाक़ात पर insurance card, policy के कागज़ और photo ID लेकर आइए, ताकि pre-authorisation जल्दी शुरू हो. Chemotherapy और maintenance गोली का खर्च भी जोड़कर रखिए. गोली सबसे बड़ा अकेला खर्च हो सकती है, इसलिए हम इसकी बात शुरुआत में ही करते हैं.

महिलाएँ अक्सर पूछती हैं

क्या तीसरे stage के ovarian cancer का ऑपरेशन हो सकता है?

हाँ. तीसरे stage के ज़्यादातर cancer का ऑपरेशन होता है, या तो पहले, या तीन-चार chemotherapy के बाद. हर दिखने वाली गाँठ निकालना लक्ष्य है. उसके बाद chemotherapy हमेशा होती है.

चौथे stage में ऑपरेशन से कोई फ़ायदा है?

अक्सर हाँ. पेट के बाहर फैलाव सीमित हो, तो पहले chemotherapy और फिर ऑपरेशन से पेट के अंदर का cancer निकाला जाता है. हर मामले में tumour board तय करता है.

ऑपरेशन में कितने घंटे लगते हैं?

आम तौर पर कई घंटे. लंबा ऑपरेशन बुरी निशानी नहीं है. इसका मतलब है कि surgeon हर सतह जाँच रही हैं और हर गाँठ निकाल रही हैं.

कितने दिन भर्ती रहना पड़ता है?

ज़्यादातर महिलाएँ लगभग एक हफ़्ते में घर चली जाती हैं. कुछ पहले एक रात ICU में रहती हैं. आंत या diaphragm का ऑपरेशन कुछ दिन बढ़ा सकता है.

ऑपरेशन के बाद क्या पेट पर थैली रखनी पड़ेगी?

ज़्यादातर नहीं. नीचे की आंत के जोड़ को बचाने के लिए कभी कुछ समय का stoma बनता है. ऑपरेशन से पहले इसकी बात होती है, और ज़्यादातर बाद में बंद हो जाते हैं.

क्या यह ऑपरेशन दूरबीन या robot से हो सकता है?

फैले हुए cancer का ऑपरेशन आम तौर पर खुला होता है, क्योंकि हर सतह देखनी और छूकर जाँचनी पड़ती है. सब निकल पाएगा या नहीं, यह देखने के लिए पहले दूरबीन से जाँच अक्सर होती है.

Dr Swati Shah कहाँ मिलती हैं

IOCI क्लिनिक, गोता, अहमदाबाद

Indian Ovary Cancer Institute I Ovary cyst & tumour treatment
SF-203, 2nd Floor, Olive Greens, Gota, S G Highway, Ahmedabad, Gujarat 382481

+91-89800-20898 · Google Maps में खोलें

अपोलो हॉस्पिटल, भाट

Dr Swati Shah Gynec Oncologist I Uterus, Cervix, Ovary Cancer I Robotic & CRS HIPEC
Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar, Gujarat 382428

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मुलाक़ात IOCI clinic, Gota, Ahmedabad पर. ऑपरेशन Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar में.

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