"हमने HIPEC के बारे में सुना है — क्या माँ का भी हो सकता है?" Ovary, tube या peritoneum का cancer जब पेट की झिल्ली पर फैल जाता है, तब cytoreductive surgery और HIPEC हर मरीज़ को नहीं, चुनी हुई महिलाओं को फ़ायदा देते हैं. जब दिखने वाली हर गाँठ निकाली जा सके (CC-0), बीमारी पेट से बाहर न गई हो, शरीर लंबा ऑपरेशन झेल सके और इलाज में समय सही हो — तभी. पेट खोलने से पहले यह चुनाव ठीक करना ही इलाज का बड़ा हिस्सा है.
CT की images, tumour markers और biopsy या laparoscopy की report appointment से पहले भेज दें, ताकि consultation उन्हें पढ़ने के बाद शुरू हो · +91-63590-11009
Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
HIPEC & Ovary Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Indian Ovary Cancer Institute (IOCI), Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. बड़े cancer centres में training, surgical oncology की पूरी योग्यता, और महिलाओं के cancer के ऑपरेशन का 18 साल का अनुभव. IOCI clinic पर 18 Google reviews में 5.0 और Apollo, Bhat पर 56 reviews में 4.95 rating.
Peritoneum पेट की अंदरूनी दीवार और अंदर के अंगों पर चढ़ी एक पतली झिल्ली है. Ovary, tube और peritoneum का cancer इस झिल्ली पर छोटी-छोटी गाँठों की चादर की तरह फैलता है, इसलिए इसका ऑपरेशन सतह का ऑपरेशन है — एक-एक हिस्सा करके.
गाँठें ज़्यादातर omentum (पेट और बड़ी आँत से लटकती चर्बी की जाली) पर, डायफ्राम (diaphragm) के नीचे, आँतों की झिल्ली पर और पेड़ू में जमती हैं. मरीज़ अक्सर ऐसी बात लेकर आती हैं: पेट धीरे-धीरे बढ़ता गया, पानी निकलवाया तो फिर भर गया, scan में omentum मोटा दिखा, या बार-बार आँत आधी-अधूरी रुक जाती है.
कई डॉक्टर इस सबको एक नाम देते हैं — “peritoneal carcinomatosis” — जैसे यह एक ही बीमारी हो. ऐसा नहीं है. Cancer कहाँ से शुरू हुआ, इसी से तय होता है कि ऑपरेशन और गरम chemotherapy काम आएँगे या नहीं. यह पेज सिर्फ़ ovary, tube या peritoneum से शुरू हुई बीमारी के बारे में है. Appendix, आँत या पेट (stomach) से शुरू हुआ फैलाव अलग फ़ैसला है, और उसके सबूत भी अलग हैं.
ऑपरेशन की बात से पहले tissue लिया जाता है. हमारे यहाँ पेट की TB बिल्कुल peritoneal cancer जैसी दिख सकती है, इसलिए sample में cancer के साथ TB की जाँच भी होती है.
पेट की झिल्ली की TB से भी पेट में पानी, मोटा omentum, झिल्ली पर छोटी गाँठें और बढ़ा हुआ CA-125 हो सकता है — scan पर हूबहू ovarian cancer जैसा चित्र. TB को cancer समझकर ऑपरेशन करना बड़ा नुक़सान है, और ऐसा नुक़सान जिससे बचा जा सकता है. इसलिए scan की मदद से या laparoscopy से ली गई biopsy histology के साथ TB की जाँच (AFB smear, GeneXpert और culture) के लिए भी भेजी जाती है. पेट का पानी निकाला जाए तो उसकी भी जाँच होती है.
दूसरी जाँच: बीमारी शुरू कहाँ से हुई. CA-125, CEA और CA 19-9 जैसे tumour markers देखे जाते हैं, और तस्वीर आँत या पेट की तरफ़ इशारा करे तो colonoscopy और upper GI endoscopy की जाती है. आँत या पेट का cancer झिल्ली पर फैला हो, तो उसका इलाज ovarian cancer की तरह नहीं होता.
PCI एक नक्शा है. पेट को अलग-अलग हिस्सों में बाँटकर हर हिस्से की सबसे बड़ी गाँठ के आकार के हिसाब से अंक दिए जाते हैं. कुल अंक बताते हैं कि बीमारी कितनी है और कहाँ है.
नक्शा कदम-दर-कदम बनता है. छाती, पेट और पेड़ू का contrast CT दिखाता है कि बीमारी कहाँ-कहाँ है, छोटी आँत कैसी है और उसकी mesentery (आँत तक खून पहुँचाने वाला पंखे जैसा ऊतक) खिंच तो नहीं गई. छोटी गाँठें साफ़ देखनी हों, वहाँ diffusion imaging वाला MRI, CT से ज़्यादा पकड़ता है. PET-CT ज़रूरत के हिसाब से, ख़ासकर पेट के बाहर की बीमारी देखने के लिए.
सबसे सही नक्शा diagnostic laparoscopy में बनता है — बेहोशी में छोटे चीरे से camera डालकर झिल्ली का हर हिस्सा सीधे देखा जाता है. Scan के बाद भी शक रहे कि सब निकलेगा या नहीं, तब laparoscopy होती है. PCI operation note में लिखा जाता है, ताकि आगे का हर फ़ैसला उसी के आधार पर हो.
CC-0 का मतलब है ऑपरेशन के अंत में कहीं भी एक भी दिखने वाली गाँठ बाक़ी नहीं. हर ऑपरेशन में completeness-of-cytoreduction score लिखा जाता है, और असली फ़ायदा सिर्फ़ पूरे या लगभग पूरे ऑपरेशन से जुड़ा है.
| ऑपरेशन के अंत में score | मतलब | मरीज़ के लिए इसका अर्थ |
|---|---|---|
| CC-0 | कहीं कोई दिखने वाली गाँठ बाक़ी नहीं | हर ऑपरेशन का लक्ष्य |
| CC-1 | सिर्फ़ 2.5 mm तक की बहुत छोटी गाँठें | फ़ायदे के लिए काफ़ी माना जाता है |
| CC-2 | 2.5 mm से 2.5 cm की गाँठें बाक़ी | लंबे ऑपरेशन का जोखिम, फ़ायदा नहीं |
| CC-3 | 2.5 cm से बड़ी गाँठें बाक़ी | लंबे ऑपरेशन का जोखिम, फ़ायदा नहीं |
इसीलिए यह फ़ैसला इतनी सावधानी से लिया जाता है. अधूरा cytoreduction मरीज़ को लंबे ऑपरेशन का पूरा बोझ देता है, और जिसके लिए ऑपरेशन किया गया वह कुछ नहीं. सब निकालना मुमकिन न हो, तो वह ऑपरेशन उस रूप में किया ही नहीं जाना चाहिए.
नक्शे में बीमारी पूरी निकाली जा सकने वाली दिखे, पेट के बाहर कुछ न फैला हो, शरीर लंबा ऑपरेशन झेल सके और इलाज में समय सही हो — तब मरीज़ cytoreduction के लिए योग्य मानी जाती है.
| Cytoreduction की तरफ़ (जहाँ लागू हो, HIPEC के साथ) | उससे दूर |
|---|---|
| Tissue में ovary, tube या peritoneum का cancer पक्का, और TB बाहर | TB अभी बाहर नहीं हुई, या आँत/पेट का cancer अभी बाहर नहीं हुआ |
| Laparoscopy और scan में बीमारी पूरी निकाली जा सकने वाली | छोटी आँत पर हर तरफ़ बीमारी, या गाँठ से खिंची mesentery |
| बीमारी सिर्फ़ पेट के अंदर | Liver के अंदर, फेफड़ों में या दूर की lymph nodes में फैलाव |
| चल-फिर सके, अपना काम ख़ुद करे; heart, फेफड़े और kidney लंबा ऑपरेशन झेल सकें | कमज़ोर शरीर, कम albumin या वज़न घटा हो और अभी सुधरा न हो |
| HIPEC की योजना हो तो chemotherapy के बाद का interval ऑपरेशन | पहला ही ऑपरेशन, जहाँ HIPEC अभी अध्ययन के दौर में है |
छोटी आँत पर हर तरफ़ फैली बीमारी, या गाँठ से अंदर खिंची mesentery — ज़्यादातर यही पूरा ऑपरेशन नामुमकिन बनाती है. पेट खोलने से पहले laparoscopy में यही देखा जाता है.
बाक़ी लगभग हर हिस्सा साफ़ हो सकता है. Omentum निकाला जाता है, पेड़ू और पेट की दीवार की झिल्ली उतारी जाती है, डायफ्राम की झिल्ली उतारी जाती है या उसका हिस्सा निकाला जाता है, और बड़ी आँत का टुकड़ा भी लिया जा सकता है. छोटी आँत अलग है. उसकी पूरी लंबाई पर सतह ढक चुकी हो, तो बीमारी साफ़ करने लायक आँत निकालने पर ठीक से जीने लायक आँत नहीं बचेगी.
इसलिए laparoscopy में ऐसा दिखे तो cytoreduction के लिए पेट नहीं खोला जाता. Chemotherapy दी जाती है, और बाद में फिर से नक्शा बनता है. वहाँ रुकना हार नहीं, मरीज़ के हित में लिया गया फ़ैसला है. यह संभावना consent की बातचीत में पहले से बताई जाती है, ताकि बाद में कोई झटका न लगे.
Ovarian cancer में पेट के अंदर गरम cisplatin को trial का समर्थन है: advanced बीमारी में, पहले chemotherapy के बाद होने वाले interval ऑपरेशन में, जब cytoreduction पूरा हो. पहले ऑपरेशन में यह अभी अध्ययन के दौर में है, और अधूरे ऑपरेशन में कभी नहीं.
HIPEC — hyperthermic intraperitoneal chemotherapy — ऑपरेशन के आख़िर में तय समय के लिए पेट के अंदर गरम chemotherapy घुमाता है. गर्मी से दवा सतह की परत पर ज़्यादा असर करती है. आँख से न दिखने वाली cells तक यह पहुँचती है; पर बची हुई गाँठ तक नहीं. ज़्यादातर नियम इसी एक बात से समझ आते हैं.
Cancer कहाँ से शुरू हुआ, उसके हिसाब से HIPEC के सबूत बदलते हैं, और इन्हें हर जगह लागू नहीं किया जा सकता. Interval ऑपरेशन में ovarian बीमारी के लिए जो सही है, वह हर दूसरे peritoneal cancer के लिए अपने-आप सही नहीं — इसीलिए पहले शुरुआत का अंग पक्का किया जाता है.
Cytoreduction हिस्सा-दर-हिस्सा चुने गए ऑपरेशनों का समूह है, जिसका लक्ष्य CC-0 है. नक्शा जितना माँगे उतना ही होता है, और हर resection, PCI और आख़िरी CC score operation note में लिखा जाता है.
ऑपरेशन Dr Swati Shah करती हैं. आँत या ऊपरी पेट साफ़ करना हो तब Dr Harsh Shah, MS, MCh (Surgical Gastroenterology), DrNB (Surgical Gastroenterology), GI surgeon के रूप में जुड़ते हैं — ताकि ऑपरेशन का पूरा होना किसी एक surgeon की सीमा पर न टिके.
Cytoreduction पूरा होने के बाद 41 से 43 °C तक गरम cisplatin perfusion machine से पेट में घुमाया जाता है. Kidney को सुरक्षा दी जाती है, और शरीर के पानी के बड़े बदलाव anaesthesia team सँभालती है.
गरम perfusion की machine Apollo Hospital, Bhat में है, और ऑपरेशन की तारीख़ तय होते ही perfusion team के साथ book हो जाती है. Perfusion पेट खुला रखकर या बंद करके हो सकता है. उस दौरान anaesthetist शरीर को ठंडा रखते हैं, पेशाब चालू रखते हैं और cisplatin के protocol के हिसाब से kidney की सुरक्षा करते हैं. Theatre staff cytotoxic दवा सँभालने का protocol और closed-circuit scavenging मानते हैं, और machine एक तय perfusionist चलाते हैं.
Peritoneal surgery में चुनाव ही इलाज है. Laparoscopy और tumour board पर सही चुनाव ऐसी team पर टिका है जो इस एक ऑपरेशन का नक्शा, सफ़ाई और फ़ैसला बार-बार साथ मिलकर करती है.
नतीजे का बड़ा हिस्सा तीन फ़ैसलों पर टिका है: laparoscopy को सही पढ़ना, यह पहचानना कि छोटी आँत ने CC-0 कब नामुमकिन कर दिया, और बीमारी छोड़ने के बजाय रुक जाने की तैयारी. इनमें से कुछ भी किसी एक surgeon का हुनर नहीं. यह उस team का है जिसमें gynaec cancer surgeon, GI surgeon, anaesthetist, ICU, perfusionist और stoma nurse — सबने मिलकर यह पहले किया हो.
यहाँ संख्या विज्ञापन का आँकड़ा नहीं है. यही वजह है कि team भरोसे से “अभी नहीं” कह पाती है. यह काम करने वाली unit को ख़ुद को भी जाँचना चाहिए: अपने PCI की तस्वीर, कितनी बार CC-0 मिला, कितनी बार रुके और बड़ी complications — सब दर्ज होता है और दोबारा देखा जाता है, और आपके अपने आँकड़े consent के समय आपसे साझा किए जाते हैं.
यह ऐसा ऑपरेशन है जिसमें पहले के हफ़्ते सच में फ़र्क़ डालते हैं:
Consent एक से ज़्यादा visit में, आमने-सामने और विस्तार से लिया जाता है — ऑपरेशन के दिन कभी नहीं.
Cytoreduction और HIPEC के बाद हर मरीज़ पहले ICU में जाती है. आँत धीरे जागती है, खाना जल्दी शुरू होता है, और blood counts रोज़ देखे जाते हैं क्योंकि दूसरे हफ़्ते में वे गिरते हैं.
आँत चालू होने में देर होना अपेक्षित है, complication नहीं, इसलिए खाना — मुँह से, नली से या नस से — पहले दिनों से ही plan किया जाता है. Blood count रोज़ होता है: HIPEC में दी गई chemotherapy सफ़ेद cells घटाती है, आमतौर पर सातवें से दसवें दिन के बीच सबसे नीचे, और उन दिनों बुख़ार आए तो तुरंत इलाज होता है. Kidney का काम भी इसी तरह देखा जाता है.
घर तब जाते हैं जब यह सब सही हो: खा सके या खाने का plan तय हो, आँत चालू हो, सफ़ेद cells सबसे निचले स्तर से ऊपर आने लगी हों, एक दिन से बुख़ार न हो, दर्द गोलियों से क़ाबू में हो, ख़ुद चल सके, stoma हो तो ख़ुद सँभाल सके, और kidney स्थिर हो. छुट्टी आमतौर पर दूसरे हफ़्ते में मिलती है, किसी तकलीफ़ का इलाज करना पड़ा हो तो देर से.
पेट के ज़्यादातर ऑपरेशनों से इसमें जोखिम ज़्यादा है. Complications यहाँ शब्दों में लिखी हैं; आपके अपने आँकड़े — जो आपके शरीर और ऑपरेशन के फैलाव पर निर्भर हैं — consent की बातचीत में दिए जाते हैं.
इनमें शामिल हैं: transfusion की ज़रूरत पड़े इतनी bleeding, घाव में infection, पैर या फेफड़े में clot, heart या साँस की तकलीफ़, आँत के जोड़ से leak, पेट के अंदर पीप जमना, आँत देर से चालू होना, सफ़ेद cells घटने से गंभीर infection का ख़तरा, cisplatin से kidney को चोट, डायफ्राम के ऑपरेशन के बाद फेफड़े के पास पानी, pancreas या पित्त का leak, दोबारा ऑपरेशन, अस्थायी या स्थायी stoma, अस्पताल में लंबा रुकना, और जान का जोखिम. बाद में घाव की जगह hernia, चिपकी आँतों से रुकावट, शौच की आदत में बदलाव और महीनों तक थकान रह सकती है.
कुछ बातें जोखिम नहीं, तय हैं: सब निकालना मुमकिन न लगे तो ऑपरेशन laparoscopy में या पेट खोलते ही रोका जा सकता है; ovaries निकलें तो menopause तुरंत आता है और गर्भ नहीं ठहर सकता; पूरे ऑपरेशन के बाद भी cancer लौट सकता है; और follow-up ज़िंदगी भर.
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“Dr. Swati Shah operated on my mother for CRS HIPEC. We are very thankful for her excellent treatment and compassionate care throughout the journey. She explained everything clearly and made us feel confident before the surgery. My mother is recovering well, and we are grateful for the successful outcome. Dr. Swati Shah is an excellent surgical oncologist. Highly recommended”
Rajesh Patel, August 2026
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“My relative was treated for ovarian cancer at the Indian Ovarian Cancer Institute (IOCI). From the first consultation to surgery and postoperative care, the entire team was supportive and professional. The surgery was performed successfully, and every step of the treatment was explained clearly. We truly appreciated the compassionate care, prompt attention, and confidence the team gave us during a difficult time. We are grateful to IOCI for providing excellent ovarian cancer treatment and would highly recommend the institute to anyone seeking specialized ovarian cancer care.”
Bg Chaudhari, July 2026
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“We are extremely grateful to Dr. Swati Shah for treating my mother for ovarian cancer and performing her surgery. She is a very experienced, compassionate, and dedicated doctor. She explained the treatment and surgery very patiently and gave us confidence throughout the entire journey. The surgery went well, and my mother is doing much better now. Thank you, Dr. Swati Shah, for your excellent care and support. Highly recommended for ovarian cancer treatment.”
Jay Udasi, September 2026
Dr Swati Shah की एक मरीज़ cytoreduction और HIPEC के बाद अपनी recovery के बारे में बताती हैं.
ख़र्च का अंदाज़ा इस पर बदलता है: कितने हिस्से साफ़ करने हैं, HIPEC जुड़ता है या नहीं, आँत निकलती है या stoma बनता है, और ICU में कितने दिन. आपकी policy अनुमति दे तो Apollo Hospital, Bhat के insurance desk से cashless pre-authorisation होता है.
Diagnostic laparoscopy, ऑपरेशन से पहले या बाद की chemotherapy और recovery के दौरान खाने की मदद का ख़र्च भी हिसाब में रखें. पहली visit में policy के काग़ज़ और पहले के सारे scan और reports लाएँ, ताकि तारीख़ तय होते ही pre-authorisation लगाया जा सके.
ज़रूरी नहीं. पेट की झिल्ली पर फैलाव ovarian cancer के बढ़ने का आम तरीक़ा है, और ऐसी कई मरीज़ों में cytoreduction होता है. आपके लिए मुमकिन है या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि हर गाँठ निकाली जा सकती है या नहीं — जो scan से और शक हो तो laparoscopy से तय होता है.
नहीं. Ovarian cancer में इसे chemotherapy के बाद होने वाले interval ऑपरेशन में समर्थन है, जब दिखने वाली हर गाँठ निकल चुकी हो. पहले ऑपरेशन में यह अभी अध्ययन के दौर में है, और ऑपरेशन अधूरा हो तो कभी नहीं जोड़ा जाता.
क्योंकि पेट की झिल्ली की TB scan पर लगभग ovarian cancer जैसी ही दिखती है और CA-125 भी बढ़ा सकती है. Biopsy में दोनों की जाँच से ग़लत बीमारी के लिए ऑपरेशन होने से बचाव होता है.
नहीं. PCI बताता है कि हर हिस्से में कितनी बीमारी है. अंक से ज़्यादा यह मायने रखता है कि बीमारी कहाँ बैठी है: फैली होने पर भी पूरी निकाली जा सकने वाली बीमारी एक बात है, और छोटी आँत पर बिछी थोड़ी बीमारी दूसरी.
तो उस दिन cytoreduction नहीं होता. Chemotherapy दी जाती है और बाद में फिर से नक्शा बनता है. अधूरा ऑपरेशन सारे जोखिम देता है और फ़ायदा बहुत कम, इसलिए वहाँ रुकना आपके हित में है.
ज़रूरत हो तो दोनों. ऑपरेशन Dr Swati Shah करती हैं, और CC-0 तक पहुँचने के लिए आँत या ऊपरी पेट साफ़ करना हो तो Dr Harsh Shah GI surgeon के रूप में जुड़ते हैं.
Consultation: IOCI clinic, Gota, अहमदाबाद. ऑपरेशन: Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar.
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