जब किसी मरीज को पेरिटोनियल कैंसर (पेट की अंदरूनी झिल्ली का कैंसर) होने का पता चलता है, तो परिवार के सामने कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। डॉक्टर से बातचीत के दौरान जो शब्द सबसे ज्यादा चर्चा में आता है, वह है—कैंसर का चरण या स्टेजिंग (Staging)। अक्सर मरीज और उनके परिजन पूछते हैं, “डॉक्टर साहब, बीमारी किस स्टेज में है? क्या यह आगे फैल चुकी है?”
कैंसर के चरण को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही वह पैमाना है जिसके आधार पर डॉक्टर यह तय करते हैं कि मरीज को पहले सर्जरी की जरूरत है, कीमोथेरेपी की, या दोनों के सही तालमेल की। चूंकि प्राथमिक पेरिटोनियल कैंसर का व्यवहार और फैलाव काफी हद तक एडवांस ओवेरियन कैंसर (अंडाशय के कैंसर) जैसा ही होता है, इसलिए इसकी स्टेजिंग प्रणाली भी लगभग वैसी ही होती है।
इंडियन ओवरी कैंसर इंस्टीट्यूट (IOCI) और शाह्स कैंसर एंड रोबोटिक सर्जरी सेंटर, अहमदाबाद में हमारा यह अटूट प्रयास रहता है कि हम मरीजों को उनके रोग की वास्तविक स्थिति और चरण के बारे में बेहद पारदर्शी और सरल भाषा में समझाएं। आइए, एक वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ के नजरिए से समझते हैं कि पेरिटोनियल कैंसर की स्टेजिंग कैसे की जाती है और हर चरण के लिए आज हमारे पास क्या आधुनिक उपचार उपलब्ध हैं।
स्टेजिंग का सीधा सा मतलब है यह पता लगाना कि कैंसर पेट के भीतर कहाँ से शुरू हुआ है, वह कितना बड़ा है और शरीर के अन्य अंगों तक कितना फैला है। पेरिटोनियल कैंसर के मामले में मुख्य रूप से FIGO (इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ गाइनकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स) और AJCC (अमेरिकन जॉइंट कमेटी ऑन कैंसर) की स्टेजिंग प्रणाली का उपयोग किया जाता है।
क्योंकि पेरिटोनियम (पेट की अंदरूनी परत) पूरे पेट के अंगों को ढकती है, इसलिए जब इस बीमारी का पता चलता है, तो यह स्वाभाविक रूप से अपने शुरुआती स्वरूप से आगे बढ़ चुकी होती है। मुख्य रूप से इस कैंसर को स्टेज ३ (तीसरे चरण) और स्टेज ४ (चौथे चरण) में विभाजित करके समझा जाता है।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, पेरिटोनियल कैंसर के चरणों को मुख्य रूप से इसके फैलाव के आधार पर देखा जाता है:
इस चरण में कैंसर पेट की अंदरूनी झिल्ली (पेरिटोनियम) में पूरी तरह फैल चुका होता है और पेट के निचले हिस्से (पेल्विस) से बाहर निकलकर ऊपरी पेट की सतह तक पहुंच जाता है। इसे तीन उप-चरणों में समझा जाता है:
यह इस बीमारी का सबसे एडवांस या अंतिम चरण माना जाता है। इसका मतलब है कि कैंसर कोशिकाएं पेट के दायरे को पार करके शरीर के दूरदराज के अंगों तक पहुंच चुकी हैं:
सटीक स्टेजिंग के बिना इलाज शुरू करना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है। शाह्स कैंसर सेंटर, अहमदाबाद में हम स्टेजिंग को १००% सटीक बनाने के लिए इन आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हैं:
स्टेज चाहे तीसरी हो या चौथी, आज की आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों ने इस कैंसर के इलाज को बहुत प्रभावी बना दिया है। हमारे अहमदाबाद स्थित संस्थान में हम मरीज की उम्र और स्टेज के अनुसार कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान तैयार करते हैं:
स्टेज ३ के मरीजों के लिए यह ऑपरेशन सबसे बेहतरीन विकल्प है। इस जटिल सर्जरी का उद्देश्य पेट के अंदर से प्रभावित पूरी पेरिटोनियम झिल्ली, ओमेंटम और दिखाई देने वाली सभी गांठों को पूरी तरह से निकाल देना है। जब पेट के अंदर कोई भी ट्यूमर नहीं बचता, तो आगे का इलाज बेहद आसान हो जाता है।
स्टेज ३ और चुनिंदा स्टेज ४ के मामलों में, साइटोरिडक्टिव सर्जरी के तुरंत बाद ऑपरेशन थिएटर में ही मरीज के पेट के अंदर लगभग ४२ डिग्री सेल्सियस पर गर्म कीमोथेरेपी की दवा को ९० मिनट के लिए प्रवाहित किया जाता है। चूंकि कैंसर की परतें पूरी झिल्ली पर होती हैं, इसलिए यह गर्म दवा सीधे उनके संपर्क में आकर बची हुई सूक्ष्म कोशिकाओं को नष्ट कर देती है, जिससे बीमारी के वापस आने का खतरा न्यूनतम हो जाता है।
यदि बीमारी स्टेज ४ में है या लिवर/फेफड़ों तक असर दिखा रही है, तो हम सीधे बड़ी सर्जरी के बजाय पहले कीमोथेरेपी के ३ चक्र देते हैं। इससे पेट का पानी (Ascites) सूख जाता है, दूर फैले ट्यूमर सिकुड़ जाते हैं और मरीज का शरीर आंतरिक रूप से मजबूत होता है। इसके बाद बची हुई बीमारी को ‘इंटरवल सर्जरी’ द्वारा सुरक्षित तरीके से निकाल दिया जाता है।
दवाओं और सर्जरी का दौर पूरा होने के बाद, कैंसर को दोबारा सिर उठाने से रोकने के लिए PARP Inhibitors जैसी आधुनिक ओरल दवाएं (गोलियां) दी जाती हैं, जिन्हें मरीज घर बैठे ले सकते हैं।
कैंसर की स्टेजिंग केवल डॉक्टरों के लिए एक मेडिकल गाइडलाइन है, यह आपके जीवन की समयसीमा (Timeline) तय नहीं करती। कई बार परिवार स्टेज ४ का नाम सुनकर घबरा जाते हैं और इलाज की उम्मीद छोड़ देते हैं। लेकिन आज के दौर में एडवांस स्टेज में भी आधुनिक दवाओं और HIPEC जैसी तकनीकों की मदद से मरीज कई सालों तक एक बेहतरीन, सक्रिय और दर्दमुक्त जीवन जी सकते हैं। अपने डॉक्टर पर भरोसा रखें, सही खान-पान अपनाएं और मानसिक रूप से मजबूत रहें।
पेरिटोनियल कैंसर के चरणों की सही समझ ही सही और सटीक इलाज की नींव रखती है। अहमदाबाद के शाह्स कैंसर एंड रोबोटिक सर्जरी सेंटर में हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि एडवांस स्टेज की बीमारी से लड़ने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी और मानवीय संवेदनाओं का एक साथ होना जरूरी है। सही समय पर लिया गया सही फैसला ही कैंसर के इस कठिन सफर को एक विजयी मंजिल तक पहुंचा सकता है।
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ओवेरियन कैंसर की जानकारी और सर्जरी के लिए: Indian Ovary Cancer Institute, Ahmedabad। सर्जन — Dr Swati Shah (Uro-Gynec Oncologist), Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre, Gota, Ahmedabad। संपर्क: 6359011009।
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