
अक्सर महिलाएं शिकायत करती हैं कि उनका पेट अचानक बढ़ने लगा है, कपड़े कमर के हिस्से से तंग होने लगे हैं या उन्हें लगातार पेट फूला हुआ (Bloating) महसूस होता है। आमतौर पर इसे वजन बढ़ना, गैस, अपच या खान-पान की गड़बड़ी मानकर घरेलू नुस्खों या साधारण दवाओं से दबा दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि लगातार बढ़ता हुआ पेट महिलाओं में होने वाले एक बेहद गंभीर रोग—ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर) का प्रारंभिक चेतावनी संकेत भी हो सकता है?
इंडियन ओवरी कैंसर इंस्टीट्यूट (IOCI) और शाह्स कैंसर एंड रोबोटिक सर्जरी सेंटर, अहमदाबाद में हमारा यह निरंतर प्रयास रहता है कि हम महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर सकें। ओवेरियन कैंसर को अक्सर एक ‘शांत बीमारी’ (Silent Disease) कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि महिलाएं इन्हें पहचान नहीं पातीं। आइए, एक वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ के नजरिए से सीधे और सरल शब्दों में समझते हैं कि बढ़ते हुए पेट और ओवेरियन कैंसर के बीच क्या संबंध है, कब आपको सावधान होने की जरूरत है और इसके लिए क्या आधुनिक उपचार उपलब्ध हैं।
जब अंडाशय (Ovary) के भीतर कैंसर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो वे पेट के आकार को दो मुख्य कारणों से बढ़ाती हैं:
हर महिला के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पेट फूलने या बढ़ने की समस्या तो बहुत आम है, तो फिर ओवेरियन कैंसर की शंका कब करनी चाहिए? इसके लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना जरूरी है:
| लक्षण का प्रकार | सामान्य गैस / अपच | ओवेरियन कैंसर की ब्लोटिंग |
| निरंतरता (Persistence) | यह आती-जाती रहती है। कुछ विशेष भोजन खाने के बाद बढ़ती है और दवा या आराम से ठीक हो जाती है। | यह लगातार (Persistent) बनी रहती है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक पेट हमेशा फूला हुआ और कड़ा महसूस होता है। |
| दवाओं का असर | एंटासिड या गैस की दवाओं से आराम मिल जाता है। | साधारण पाचन की दवाओं या घरेलू नुस्खों का इस पर कोई असर नहीं होता। |
| अन्य लक्षणों का जुड़ना | केवल पेट में गड़बड़ी महसूस होती है। | इसके साथ भूख न लगना, बहुत जल्दी पेट भर जाना या पेशाब में बार-बार बदलाव होना जैसे लक्षण जुड़े होते हैं। |
विशेषज्ञ की सलाह: यदि पेट फूलने या बढ़ने की समस्या महीने में १२ से अधिक बार हो, या लगातार ३ हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहे, तो इसे केवल ‘उम्र का असर’ या ‘गैस’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी गायनेक-ऑन्कोलॉजिस्ट (महिला कैंसर विशेषज्ञ) से संपर्क करें।
बढ़ते हुए पेट के अलावा, ओवेरियन कैंसर शरीर में कुछ अन्य महत्वपूर्ण बदलाव भी लाता है:
अगर किसी महिला में ये लक्षण दिखते हैं, तो शाह्स कैंसर सेंटर, अहमदाबाद में हम स्थिति की सटीकता जांचने के लिए इन आधुनिक और दर्दरहित परीक्षणों की सलाह देते हैं:
૧. पेल्विक और एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड (सोनोग्राफी): यह सबसे पहला और आसान कदम है, जिससे अंडाशय के आकार, उसमें गांठ की मौजूदगी और पेट में पानी (Ascites) की सटीक स्थिति का पता चलता है।
૨. हाई-रिज़ॉल्यूशन CT स्कैन या MRI: यदि सोनोग्राफी में कोई शंका दिखती है, तो पेट के अंदरूनी अंगों की विस्तृत संरचना देखने के लिए एडवांस स्कैन किए जाते हैं।
૩. CA-125 ब्लड टेस्ट: यह एक विशेष ट्यूमर मार्कर ब्लड टेस्ट है। ओवेरियन कैंसर के अधिकांश मामलों में खून के भीतर इस प्रोटीन का स्तर काफी बढ़ जाता है।
यदि जांच में ओवेरियन कैंसर का निदान होता है, तो आज के चिकित्सा युग में इसके इलाज के बेहद सटीक और सुरक्षित तरीके मौजूद हैं:
बढ़ता हुआ पेट हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन यह आपके शरीर का एक ऐसा इशारा हो सकता है जिसे ध्यान से सुनने की जरूरत है। हमारी भारतीय संस्कृति में महिलाएं अक्सर परिवार की देखभाल में अपने स्वास्थ्य को आखिरी प्राथमिकता देती हैं और लक्षणों को छुपाती हैं। शाह्स कैंसर एंड रोबोटिक सर्जरी सेंटर, अहमदाबाद में हमारा अनुभव यही सिखाता है कि सही समय पर ली गई डॉक्टरी सलाह और स Mild सजगता बड़े संकटों को टाल सकती है। अपने शरीर में होने वाले बदलावों के प्रति जागरूक रहें, डरे नहीं बल्कि सही विशेषज्ञ से परामर्श लें।
🏥अधिक जानने के लिए: https://bit.ly/2MFFW8q
#ovariancancer #ovary #ovarycyst #cyst #cancerawareness #cancer #cancerfree #healthcare #fightagainstcancer #cancerclinix #letsfightcancer #healthyliving #fitness #medical #science #surgery #surgeon #doctor #health #healthtip #stayhealthy #gujarat #ahmedabad