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  • May 20, 2026
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ओवेरियन कैंसर और महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Fertility): मातृत्व की इच्छा और कैंसर के इलाज के बीच सही संतुलन

अहमदाबाद के शाह्स कैंसर सेंटर में एक युवा महिला मरीज और उनके पति को डिजिटल स्क्रीन पर ओवेरियन कैंसर के इलाज के साथ प्रजनन क्षमता (Fertility) सुरक्षित रखने के उपाय समझाते हुए वरिष्ठ महिला कैंसर विशेषज्ञ।

जब किसी युवा महिला या युवती को ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर) होने का पता चलता है, तो वह केवल एक जानलेवा बीमारी से ही नहीं जूझ रही होती, बल्कि उसके सामने एक और बेहद संवेदनशील और दर्दनाक सवाल खड़ा हो जाता है—”क्या मैं कभी मां बन पाऊंगी?” एक ऐसी महिला के लिए जिसने अभी अपना परिवार शुरू नहीं किया है या जो भविष्य में बच्चे पैदा करने की इच्छा रखती है, यह शंका उसके मानसिक तनाव को कई गुना बढ़ा देती है।

पारंपरिक तौर पर ओवेरियन कैंसर का इलाज व्यापक सर्जरी होता था, जिसमें गर्भाशय और दोनों अंडाशयों को पूरी तरह निकाल दिया जाता था, जिससे मां बनने की संभावनाएं हमेशा के लिए खत्म हो जाती थीं। लेकिन आज के आधुनिक चिकित्सा युग में एडवांस सर्जिकल तकनीकों और प्रजनन संरक्षण (Fertility Preservation) के तरीकों ने इस परिदृश्य को बदल दिया है। आज कैंसर को हराने के साथ-साथ मातृत्व के सपने को सुरक्षित रखना पूरी तरह संभव है।

इंडियन ओवरी कैंसर इंस्टीट्यूट (IOCI) और शाह्स कैंसर एंड रोबोटिक सर्जरी सेंटर, अहमदाबाद में हमारा यह निरंतर प्रयास रहता है कि युवा मरीजों को न केवल बेहतरीन कैंसर ट्रीटमेंट मिले, बल्कि उनकी जिंदगी के भविष्य के सपनों को भी पूरा संबल दिया जा सके। आइए, एक वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ के नजरिए से बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में समझते हैं कि ओवेरियन कैंसर के इलाज के दौरान प्रजनन क्षमता को कैसे बचाया जा सकता है।

कैंसर के इलाज का प्रजनन क्षमता पर क्या असर होता है?

ओवेरियन कैंसर से लड़ने के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार के उपचार अपनाए जाते हैं, और इन तीनों का महिला के प्रजनन तंत्र पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है:

  • पारंपरिक सर्जरी: इसमें आमतौर पर हिस्टेरेक्टॉमी (गॉभाशय निकालना) और बायलेटरल साल्पिंगो-ऊफोरेक्टॉमी (दोनों अंडाशय और फेलोपियन ट्यूब निकालना) शामिल होती है। जब शरीर में गर्भाशय और अंडाशय ही नहीं बचेंगे, तो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण असंभव हो जाता है।
  • कीमोथेरेपी: कीमोथेरेपी की शक्तिशाली दवाएं तेजी से बढ़ने वाली कैंसर कोशिकाओं को मारती हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में वे अंडाशय के भीतर मौजूद स्वस्थ अंडों (Eggs) को भी अस्थाई या स्थाई रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे असमय मेनोपोज़ (Premature Menopause) आ सकता है।
  • रेडिएशन थेरेपी: यदि पेल्विक हिस्से में रेडिएशन (सिकाई) की आवश्यकता पड़ती है, तो उच्च ऊर्जा वाली किरणें अंडाशय के कार्य करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।

प्रजनन-संरक्षण कैंसर सर्जरी (Fertility-Sparing Surgery) क्या है?

युवा महिलाओं में यदि कैंसर की पहचान बहुत शुरुआती चरण (Early Stage) में हो जाती है, तो डॉक्टर फर्टिलिटी-स्पेयरिंग सर्जरी का विकल्प चुन सकते हैं। यह चिकित्सा विज्ञान का एक बेहद परोपकारी दृष्टिकोण है।

  • यह कैसे काम करती है: इस विशेष ऑपरेशन के दौरान सर्जन केवल उसी अंडाशय (Ovary) और फेलोपियन ट्यूब को निकालते हैं जिसमें कैंसर की गांठ मौजूद होती है। महिला के दूसरे स्वस्थ अंडाशय और पूरे गर्भाशय (Uterus) को पूरी तरह सुरक्षित छोड़ दिया जाता है।
  • इसका फायदा: चूंकि एक अंडाशय और गर्भाशय सुरक्षित हैं, इसलिए महिला के शरीर में प्राकृतिक रूप से हार्मोन बनते रहते हैं, मासिक धर्म सामान्य चलता रहता है और वह भविष्य में प्राकृतिक रूप से या आईवीएफ (IVF) की मदद से गर्भधारण करने में सक्षम होती है।

अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की जादुई भूमिका

शाह्स कैंसर सेंटर, अहमदाबाद में युवा महिलाओं की फर्टिलिटी-स्पेयरिंग सर्जरी के लिए हम अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम को प्राथमिकता देते हैं। अंडाशय के नाजुक ऊतकों के पास काम करते समय यह तकनीक एक वरदान साबित होती है:

  • अचूक सटीकता (Precision): रोबोटिक आर्म्स की बेजोड़ फ्लेक्सिबिलिटी और ३D हाई-डेफिनेशन विजन के कारण सर्जन पेट के भीतर बेहद बारीक नसों और स्वस्थ अंडाशय के हिस्सों को बिना छुए, केवल प्रभावित ट्यूमर को अत्यंत सटीकता से निकाल सकते हैं।
  • न्यूनतम घाव और तेजी से रिकवरी: पारंपरिक बड़े चीरे के मुकाबले इसमें बहुत छोटे छेद (कापे) किए जाते हैं, जिससे आंतरिक अंगों में आपस में चिपकने (Adhesions) का खतरा न्यूनतम हो जाता है। आंतों या फेलोपियन ट्यूब के न चिपकने से भविष्य में गर्भधारण की राह बहुत आसान हो जाती है और मरीज जल्दी स्वस्थ होकर अपनी सामान्य जिंदगी में लौट आती है।

सर्जरी से पहले प्रजनन क्षमता सुरक्षित करने के आधुनिक तरीके (Onco-Fertility)

यदि बीमारी ऐसी स्थिति में है जहां दोनों अंडाशयों को निकालना बेहद जरूरी है, तो भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है। कैंसर का इलाज शुरू होने से ठीक पहले ओंको-फर्टिलिटी (Onco-Fertility) तकनीकों की मदद से मातृत्व को सुरक्षित किया जा सकता है:

૧. अंडा फ़्रीज़ करना (Egg Freezing): इलाज शुरू होने से पहले महिला के अंडाशय से परिपक्व अंडों को निकालकर प्रयोगशाला में बेहद ठंडे तापमान पर सुरक्षित (Cryopreservation) रख लिया जाता है। कैंसर से पूरी तरह ठीक होने के बाद, इन अंडों का उपयोग करके बच्चा पैदा किया जा सकता है।

૨. भ्रूण फ़्रीज़ करना (Embryo Freezing): यदि महिला विवाहित है, तो उसके अंडों को पति के शुक्राणुओं के साथ आईवीएफ तकनीक से निषेचित करके ‘भ्रूण’ तैयार कर लिया जाता है और उसे सुरक्षित रख लिया जाता है।

૩. ओवेरियन टिश्यू फ्रीजिंग: यह एक बहुत ही आधुनिक विधा है जिसमें अंडाशय के एक छोटे से स्वस्थ हिस्से को सर्जरी द्वारा निकालकर सुरक्षित रख लिया जाता है और इलाज पूरा होने के बाद उसे वापस शरीर में प्रत्यारोपित (Transplant) किया जा सकता है।

इलाज के बाद मातृत्व की राह: परिवारों के लिए व्यावहारिक सलाह

  • जल्दबाजी न करें: कैंसर का इलाज (जैसे कीमोथेरेपी) पूरा होने के तुरंत बाद गर्भधारण की योजना न बनाएं। दवाओं के असर को शरीर से पूरी तरह बाहर निकलने के लिए आमतौर पर डॉक्टर २ से ३ साल तक इंतजार करने की सलाह देते हैं।
  • नियमित फॉलो-अप: कैंसर मुक्त होने के बाद भी अपने ऑन्कोलॉजिस्ट और फर्टिलिटी विशेषज्ञ के लगातार संपर्क में रहें। समय-समय पर एएमएच (AMH) ब्लड टेस्ट और सोनोग्राफी के जरिए अंडों की गुणवत्ता की जांच कराते रहें।
  • मानसिक संबल: इस पूरी प्रक्रिया के दौरान महिला के मन में एक गहरा डर और हीनभावना आ सकती है। परिवार के सदस्यों, विशेषकर पति को उन्हें यह अहसास दिलाना चाहिए कि उनका स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता है और आधुनिक विज्ञान के पास उनके मां बनने के सपने को पूरा करने के कई सुरक्षित रास्ते मौजूद हैं।

निष्कर्ष

ओवेरियन कैंसर निश्चित रूप से एक कठिन चुनौती है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि एक महिला को अपने मां बनने के अधिकार का त्याग करना पड़े। सही समय पर सही ऑन्को-सर्जन का चयन, आधुनिक रोबोटिक तकनीकों का प्रयोग और फर्टिलिटी विशेषज्ञों के साथ तालमेल बिठाकर आज हम कई युवा महिलाओं के आंगन में खुशियां लाने में सफल रहे हैं। अहमदाबाद के शाह्स कैंसर एंड रोबोटिक सर्जरी सेंटर में हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि इलाज ऐसा होना चाहिए जो न केवल जान बचाए, बल्कि जीवन के हर खूबसूरत सपने को भी जिंदा रखे। हिम्मत रखें, सही जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी शक्ति है।

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