
⭕अंडाशय के कैंसर का सबसे जोखिम कारक बढ़ती उम्र और पारिवारिक इतिहास है।
⭕आयु: ओवेरियन कैंसर वाली दो तिहाई महिलाएं 55 या उससे अधिक उम्र की होती हैं।
⭕पारिवारिक इतिहास: ओवेरियन कैंसर जीन परिवर्तन के कारण हो सकता है और आनुवंशिक हो सकता है।
⭕अधिक वजन या मोटापा
⭕धूम्रपान: धूम्रपान से कुछ प्रकार के ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
⭕टैल्कम पाउडर का उपयोग: टैल्कम पाउडर संभवतः गर्भाशय ग्रीवा के माध्यम से योनि और गर्भ में जा सकता है। फिर यह संभवतः फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय तक पहुंच सकता है। पाउडर तब जलन पैदा कर सकता है और समय के साथ अंडाशय की कोशिकाओं में कैंसर के परिवर्तन का कारण बन सकता है।
⭕हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी): एचआरटी लेने से ओवेरियन कैंसर का खतरा 40 प्रतिशत बढ़ जाता है।
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