अंतिम अपडेट: 09-Oct-2026
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संक्षेप में
Cancer सिर्फ़ अंडाशय में दिखे, तो ऑपरेशन इलाज भी है और जाँच भी: वह cancer निकालता है और बताता है कि वह कहाँ तक पहुँचा है.
ऑपरेशन से पहले तीन बातें तय होती हैं: क्या अभी बच्चा चाहिए, BRCA और HRD का blood test, और ऑपरेशन में जो मिले उसकी सहमति.
ऑपरेशन के बाद chemotherapy हर किसी को नहीं दी जाती. Tumour board अंतिम रिपोर्ट से तय करता है: पक्का stage, और गांठ का प्रकार और grade.
जब बेटी की उम्र कम हो और शादी बाकी हो, तो माँ-बाप का पहला डर यही होता है: “क्या बच्चेदानी भी निकालनी पड़ेगी?” इसका जवाब कुछ बातों पर टिका है, और उनमें से कुछ ऑपरेशन के बाद ही पक्की होती हैं.
अंडाशय, अंडवाहिनी (fallopian tube) और पेट की अंदरूनी झिल्ली (peritoneum) का cancer एक ही बीमारी माना जाता है. इसका stage scan से नहीं, ऑपरेशन से तय होता है, क्योंकि झिल्ली पर बहुत छोटे दाने या पानी में तैरती cancer कोशिकाएँ किसी scan में नहीं दिखतीं. इसलिए शुरुआती दिखने वाले cancer का ऑपरेशन इन्हें ढूँढने के लिए ही बनाया गया है. हर stage से इलाज में क्या बदलता है, यह stage वाले पेज पर है; यह पेज पहली मुलाक़ात से पहले follow-up तक के फ़ैसले क्रम से बताता है.
पहले इलाज से पहले हर मामला tumour board में रखा जाता है. पहली मुलाक़ात में देखा जाता है कि वज़न घटा है या नहीं, albumin कितना है और खाना ठीक से खाया जा रहा है या नहीं; इनमें से एक भी दिक़्क़त हो तो ऑपरेशन से पहले dietitian, रोज़ चलना और protein शुरू किया जाता है.
| ऑपरेशन का हिस्सा | क्यों किया जाता है |
|---|---|
| कुछ भी छूने से पहले पेट का पानी धोकर लेना (washings) | पानी में cancer कोशिकाएँ मिलें तो कुछ न दिखने पर भी stage बदल जाता है. |
| पेट की झिल्ली की तय जगहों से biopsy | जहाँ झिल्ली स्वस्थ दिखे, वहाँ भी छिपे दाने ढूँढना. |
| बच्चेदानी, दोनों नलियाँ और दोनों अंडाशय | गांठ निकालना, और बाकी अंगों की microscope से जाँच. |
| Omentum, पेट के अंदर चर्बी की परत | Staging का नियमित हिस्सा; छिपे दानों के लिए जाँचा जाता है. |
| Pelvis और aorta के पास की lymph nodes | Nodes में ऐसा cancer हो सकता है जो scan में नहीं दिखता. |
| Appendix, अगर गांठ mucinous प्रकार की हो | इस प्रकार में staging ऑपरेशन का हिस्सा. |
ये सारे क़दम मिलकर comprehensive staging surgery कहलाते हैं. इनका मक़सद pathologist को इतना tissue देना है कि वह भरोसे से कह सके कि cancer अंडाशय तक ही है या नहीं. छोटे ऑपरेशन में दिखती गांठ तो निकल जाती है, पर stage अधूरा रह जाता है, और अगला फ़ैसला लिया नहीं जा सकता.
बच्चा चाहने वाली युवा महिला में कभी-कभी सिर्फ़ प्रभावित अंडाशय और नली निकाली जा सकती है, और staging के बाकी क़दम तब भी पूरे किए जाते हैं. Dr Swati Shah यह रास्ता तभी देती हैं जब ये सभी बातें सही हों:
Grade और प्रकार जैसी कुछ बातें अंतिम रिपोर्ट में ही पक्की होती हैं. इसलिए इच्छा ऑपरेशन से पहले बताई जाती है, और रिपोर्ट आने पर योजना दोबारा देखी जाती है. इस समूह से बाहर की महिलाओं को सामान्य (पूरा) ऑपरेशन करवाने की सलाह दी जाती है. ज़्यादा जानकारी fertility वाले पेज पर है.
अंतिम रिपोर्ट दो बातें बताती है: पक्का stage, और गांठ का प्रकार और grade. Tumour board इसे ऑपरेशन के नोट्स के साथ पढ़ता है और तय करता है कि chemotherapy चाहिए या नहीं.
| रिपोर्ट में क्या आया | आम तौर पर आगे क्या |
|---|---|
| Stage I पक्का हुआ | Chemotherapy दी भी जा सकती है, नहीं भी; board stage, प्रकार और grade से तय करता है |
| Pelvis के अंदर फैलाव (stage II) | ऑपरेशन के बाद chemotherapy |
| ऑपरेशन में pelvis से आगे फैलाव मिला | बढ़ी हुई बीमारी की तरह इलाज; योजना नए सिरे से बनती है |
Chemotherapy की सलाह हो तो आम तौर पर carboplatin और paclitaxel, हर तीन हफ़्ते में एक बार, छह बार, medical oncologist की देखरेख में दी जाती है. Medical oncologist से मुलाक़ात और रिपोर्ट पर बात की तारीख़ छुट्टी से पहले ही तय कर दी जाती है. अस्पताल के दिन ऑपरेशन के बाद वाले पेज पर समझाए गए हैं.
दोनों अंडाशय निकाले जाएँ तो menopause तुरंत और हमेशा के लिए आ जाता है. यह जोखिम नहीं, तय बात है, और ऑपरेशन से पहले इस पर बात होती है. इस प्रकार के cancer में ज़्यादातर महिलाएँ, अपनी रिपोर्ट पर चर्चा के बाद, hormone replacement ले सकती हैं.
| कब | क्या जाँचा जाता है |
|---|---|
| ऑपरेशन के दो हफ़्ते बाद | घाव, अंतिम रिपोर्ट, BRCA और HRD का नतीजा, medical oncologist के पास भेजना |
| दो साल तक हर तीन महीने | तकलीफ़ें, pelvis समेत जाँच, वज़न, CA-125 |
| तीसरे से पाँचवें साल तक हर चार से छह महीने | वही जाँच |
| पाँच साल के बाद साल में एक बार | डॉक्टर की जाँच; follow-up कब ख़त्म हो, यह हर किसी के लिए अलग |
जब तक तबीयत अच्छी हो और CA-125 स्थिर रहे, scan नियमित नहीं होते; CA-125 बढ़े या कोई तकलीफ़ हो तो CT होता है. अच्छा महसूस करते हुए सिर्फ़ CA-125 का बढ़ना अपने-आप में chemotherapy दोबारा शुरू करने की वजह नहीं है. BRCA test positive आए तो क़रीबी रिश्तेदारों को test की सलाह दी जाती है, और जब तक वह हो न जाए, टीम ध्यान रखती है.
Reports पहले से भेजी जा सकती हैं, ताकि consultation के समय वे पढ़ी जा चुकी हों. इलाज consultation में, जाँच के बाद ही तय होता है.
हाँ. Scan का stage अस्थायी है. Washings, biopsy या nodes में ऐसा फैलाव मिल सकता है जो scan में नहीं दिखा, और अंतिम stage pathology रिपोर्ट से तय होता है.
क्योंकि nodes के छोटे दाने scan में नहीं दिखते. शुरुआती दिखने वाली बीमारी में pelvis और aorta के पास की nodes निकालने से stage पक्का होता है.
शायद, अगर cancer stage IA, grade 1 या 2, clear-cell के अलावा हो, गर्भधारण की पक्की इच्छा हो, और पूरी बात लिखित रूप में समझाने के बाद.
हर बार नहीं. Tumour board अंतिम रिपोर्ट से तय करता है. Stage II और उससे आगे आम तौर पर दी जाती है; stage I में प्रकार और grade पर निर्भर है.
नतीजा आने में हफ़्ते लगते हैं, यह आगे के इलाज में काम आता है, और रिश्तेदारों की जाँच के बारे में भी बताता है. बीमारी लौटने तक रुकने से वह समय खो जाता है.
अंडाशय के cancer की पूरी जानकारी ovary cancer पेज पर, और शुरुआती बीमारी की जानकारी early, localised ovarian cancer पेज पर है.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre
Dr Swati Shah — MS, DrNB (Surgical Oncology) · Ovary Cancer Surgeon
Indian Ovary Cancer Institute I Ovary cyst & tumour treatment — SF-203, 2nd Floor, Olive Greens, Gota, S G Highway, Ahmedabad, Gujarat 382481
Dr Swati Shah Gynec Oncologist I Uterus, Cervix, Ovary Cancer I Robotic & CRS HIPEC — Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar, Gujarat 382428
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