अंडाशय cancer का stage ऑपरेशन में क्यों पक्का होता है?

अंतिम अपडेट: 08-Oct-2026

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Dr Swati Shah, ovary cancer surgeon, अहमदाबाद
Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Ovary Cancer Surgeon
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
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संक्षेप में

अंडाशय, नली और peritoneum के cancer की staging FIGO तरीके से होती है. CT का stage कामचलाऊ है; पक्का stage ऑपरेशन से मिलता है.

Stage I और II में आमतौर पर पहले ऑपरेशन. Stage III में क्या पहले हो, यह tumour board तय करता है. Stage IV की शुरुआत आमतौर पर chemotherapy से.

Stage के अलावा चार बातें इलाज बदलती हैं: ऑपरेशन के बाद बची बीमारी, शरीर की ताक़त, BRCA-HRD रिपोर्ट, और गांठ का प्रकार व grade.

‘उसका भी stage III, ऑपरेशन पहले क्यों?’

OPD में यह सवाल अक्सर आता है. दो महिलाओं का एक जैसा stage हो, फिर भी एक का ऑपरेशन पहले होता है और दूसरी को पहले chemotherapy मिलती है. वजह यह है कि stage बताता है बीमारी कहाँ तक पहुँची है, पर इलाज सिर्फ़ stage से तय नहीं होता.

अंडाशय (ovary), fallopian tube (नली) या पेट की अंदरूनी झिल्ली (peritoneum) से शुरू होने वाला cancer एक ही बीमारी की तरह चलता है. तीनों का stage FIGO 2014 तरीके से तय होता है, जो pathology report के AJCC 8th edition से मेल खाता है.

यह पेज epithelial प्रकार के बारे में है, जो आम प्रकार है. Germ cell, sex cord-stromal और borderline गांठों का रास्ता अलग है.

Scan से कामचलाऊ stage, ऑपरेशन से पक्का stage

Ovarian cancer का stage ऑपरेशन से तय होता है. पेट की झिल्ली पर बहुत बारीक दाने अक्सर किसी scan में नहीं दिखते. इसलिए CT report में लिखा stage तब तक कामचलाऊ है, जब तक पेट खोलकर देखा न जाए.

जब बीमारी शुरुआती लगती है, तो ऑपरेशन छिपे फैलाव को ढूँढने के लिए इस तरह किया जाता है:

  1. कुछ भी छूने से पहले पेट से पानी (washings) लेकर जाँच के लिए भेजा जाता है.
  2. पेट की झिल्ली से तय जगहों से biopsy ली जाती है, चाहे वहाँ सब सामान्य दिखे.
  3. बच्चेदानी, दोनों नलियाँ और दोनों अंडाशय निकाले जाते हैं, साथ में omentum (पेट की चर्बी की परत) भी.
  4. पेडू और aorta के पास की lymph nodes निकालकर जाँची जाती हैं.
  5. Mucinous प्रकार हो तो appendix भी निकाला जाता है.

इन सब टुकड़ों की pathology report से पक्का stage तय होता है. Scan में बीमारी एक ही अंडाशय पर दिखी हो, तब भी washings या biopsy की रिपोर्ट से stage बढ़ सकता है. और stage बढ़े तो ऑपरेशन के बाद का इलाज बदलता है.

पहली staging में PET-CT नियमित रूप से नहीं होता; पेट के बाहर फैलाव का शक हो तभी किया जाता है. ऑपरेशन से पहले की जाँचों के लिए कौन-सी रिपोर्ट क्या तय करती है पेज पढ़ें.

हर stage का मतलब और पहला क़दम

Stageमतलबआमतौर पर पहला क़दम
Stage Iबीमारी अंडाशय या नली तक सीमितपूरा staging ऑपरेशन; बाद में chemotherapy चाहिए या नहीं, यह आख़िरी रिपोर्ट से
Stage IIपेडू के अंदर फैलावदिखने वाली पूरी बीमारी निकालने वाला ऑपरेशन, फिर chemotherapy
Stage IIIपेडू के बाहर पेट की झिल्ली पर, और/या पेट के पीछे की lymph nodes में फैलावपहले ऑपरेशन, या पहले chemotherapy और बीच में ऑपरेशन; बाद में maintenance दवा आ सकती है
Stage IVAफेफड़े के आसपास के पानी में cancer cellsआमतौर पर पहले chemotherapy, जहाँ संभव हो ऑपरेशन, फिर maintenance
Stage IVBकिसी अंग के अंदर, या पेट के बाहर फैलावआमतौर पर पहले chemotherapy, जहाँ संभव हो ऑपरेशन, फिर maintenance

हर stage का विस्तृत पेज अंग्रेज़ी में है: शुरुआती cancer, locally advanced cancer, stage III और stage IV.

Stage I: chemotherapy का फ़ैसला आख़िरी रिपोर्ट से

Stage I में ऑपरेशन दो काम करता है: cancer निकालता है, और stage साबित करता है. ऑपरेशन के बाद chemotherapy चाहिए या नहीं, यह पूरी staging की रिपोर्ट से तय होता है.

बच्चा चाहने वाली कम उम्र की महिला में बच्चेदानी और दूसरा अंडाशय बचाया जा सकता है, पर सिर्फ़ एक छोटे समूह में: stage IA, grade 1 या 2, clear-cell प्रकार नहीं, गर्भ की पक्की इच्छा, और लिखित में दर्ज counselling. इसके बाहर सामान्य पूरा ऑपरेशन ही सलाह है.

Stage II: पेडू का पूरा रोग निकालकर chemotherapy

बीमारी पेडू के दूसरे अंगों तक पहुँची हो, तो ऑपरेशन में जितनी दिखे सब निकाली जाती है, फिर chemotherapy दी जाती है.

Stage III: पहला क़दम टीम तय करती है

Stage III में इलाज का क्रम हर मरीज़ के लिए अलग से तय होता है. अगर हर दिखने वाला दाना निकाला जा सके और महिला बड़े ऑपरेशन के लायक हो, तो पहले ऑपरेशन होता है.

अगर शुरुआत में पूरी बीमारी निकालना संभव न हो, जैसे छोटी आँत की mesentery की जड़ पर, लिवर के प्रवेश द्वार (porta hepatis) के पास, या ऊपरी पेट में बड़ी मात्रा में बीमारी, तो पहले chemotherapy दी जाती है. शरीर की ताक़त, पोषण या दूसरी बीमारी की वजह से अभी बड़ा ऑपरेशन सुरक्षित न हो, तब भी यही होता है. तीन से चार cycle के बाद बीच का (interval) ऑपरेशन, फिर बाकी cycles, कुल छह तक.

यह फ़ैसला एक surgeon अकेले नहीं, tumour board लेता है, और सिर्फ़ CT देखकर नहीं. शक हो तो laparoscopy से फैलाव का score (Fagotti score) देखा जाता है.

पहले chemotherapy लेने वाले stage III में interval ऑपरेशन के समय पेट के अंदर गर्म chemotherapy (HIPEC) एक विकल्प है, लेकिन तभी जब ऑपरेशन में दिखने वाली पूरी बीमारी निकल गई हो. Stage III में बीमारी बची रह जाए तब, और stage IV में, chemotherapy के साथ bevacizumab नाम की दवा जोड़ी जा सकती है.

Stage IV के दो प्रकार: क्या बदलता है

Stage IVA का मतलब है फेफड़े के आसपास के पानी में cancer cells मिले हैं. Stage IVB का मतलब है लिवर जैसे किसी अंग के अंदर, या पेट के बाहर फैलाव.

दोनों में आमतौर पर शुरुआत chemotherapy से होती है. जहाँ संभव हो, उसके बाद ऑपरेशन की योजना बनती है, फिर maintenance दवा. Stage IV में योजना रुकती नहीं; सिर्फ़ क्रम बदलता है.

Stage जितना ही असर रखने वाली चार बातें

एक ही stage की दो महिलाओं को अलग इलाज की सलाह क्यों मिलती है, उसके कारण ये हैं:

  • ऑपरेशन के बाद बची बीमारी. इलाज से बदला जा सकने वाला यह बड़ा कारण है. लक्ष्य हमेशा यही है कि कोई दिखने वाली बीमारी न बचे; ‘थोड़ा रह जाए तो चलेगा’ लक्ष्य नहीं है. अगर ऑपरेशन में पता चले कि पूरी बीमारी नहीं निकलेगी, तो जान-बूझकर अधूरा ऑपरेशन नहीं किया जाता: टुकड़ा लेकर पेट बंद किया जाता है और पहले chemotherapy दी जाती है.
  • शरीर की ताक़त. जो महिला पूरी तरह सक्रिय है, या सिर्फ़ भारी काम में दिक़्क़त है, उसे पूरा रास्ता दिया जाता है. अपना ध्यान ख़ुद रख सके पर काम न कर सके, albumin 3.0 से कम हो, या उम्र 75 से ज़्यादा और दूसरी बीमारी हो, तो आमतौर पर पहले chemotherapy और फिर ताक़त दोबारा जाँची जाती है. दिन का ज़्यादातर समय बिस्तर या कुर्सी पर बीतता हो, तो आराम और राहत वाले इलाज की बात होती है, palliative care टीम के साथ जल्दी.
  • BRCA और HRD की रिपोर्ट. BRCA में बदलाव है या नहीं, गांठ HRD-positive है या नहीं, इससे chemotherapy के बाद की maintenance दवा तय होती है.
  • गांठ का प्रकार और grade. Mucinous प्रकार में appendix निकाला जाता है. Stage IA में अंडाशय बचाने वाला ऑपरेशन संभव है या नहीं, यह grade और clear-cell प्रकार तय करते हैं.

Stage और plan कौन पक्का करता है

पहले इलाज से पहले हर मरीज़ की चर्चा tumour board (MDT) में होती है, और pathology report आने पर पक्का stage तय होता है.

Reports पहले से भेजी जा सकती हैं, ताकि consultation के समय वे पढ़ी हुई हों. इलाज consultation में, जाँच के बाद तय होता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CT में stage III लिखा है. क्या ऑपरेशन के बाद यह बदल सकता है?

हाँ. CT कामचलाऊ stage देता है. ऑपरेशन और pathology report पक्का stage देते हैं, और ऑपरेशन में मिले बारीक दाने stage बदल सकते हैं.

Stage IV में क्या ऑपरेशन हो ही नहीं सकता?

ऐसा नहीं है. Stage IV में आमतौर पर पहले chemotherapy दी जाती है, और जहाँ संभव हो उसके बाद ऑपरेशन की योजना बनती है. फिर maintenance दवा आती है.

Stage I में ऑपरेशन के बाद क्या बच्चा हो सकता है?

कभी-कभी. बच्चेदानी और एक अंडाशय बचाना सिर्फ़ stage IA, grade 1 या 2, clear-cell के अलावा प्रकार में, गर्भ चाहने वाली महिला में, लिखित counselling के बाद सोचा जाता है.

मेरी lymph nodes निकाली गईं, मेरी सहेली की नहीं. ऐसा क्यों?

शुरुआती लगने वाली बीमारी में stage जानने के लिए nodes निकाली जाती हैं. Advanced बीमारी पूरी निकल गई हो और nodes सामान्य दिखें, तो उन्हें छोड़ा जाता है, क्योंकि उन्हें निकालने से तकलीफ़ बढ़ती है, फ़ायदा नहीं.

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